मै तेरी राधा कहलाऊंगी


लाख गोपियां इर्द गिर्द मंडराए तेरे
पर कान्हा तो बस राधा संग प्रीत निभाए

राधा को ना भय है किसिका
वो तो दिलसे प्रेम निभाए

ना बांध सके गठबंधन में  एकदुजे को राधा और श्याम
आज भी कान्हा संग जुड़ता है  राधा एक तेरा ही नाम

मशहूर है तेरे प्रेम की गाथा
छल कपट ना दुजाभाव सिखाता

प्रेम ही नहीं दोस्ती तेरी अनोखी मेरे मुरलीमनोहर
केवल राधा के श्याम ही नहीं, हो बलराम की दोस्ती की धरोहर

माता देवकी के सुपुत्र हो , कहलाए यशोदा के नन्दलाल
मीठी अठकेलिया खूब तेरी खेले कान्हा संग ब्रिज के ग्वाल

कलयुग में भी तेरे रूप अनेक कान्हा हमने देखे है
रास रचाए गोपियों संग प्रीत राधा को लेके है

कान्हा सा रूप निराला तेरा,गोपियों को खूब रिझाए
मीरा गाए गीत तेरे ,कान्हा राधा के संग मुस्काए

ना बंधन में बंध पाऊ फिर भी मैं गीत तेरे ही गाऊंगी
गोपियां आनी जानी है
तू श्याम है मेरा, मै ही तेरी राधा कहलाऊंगी

_निधि




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