Rishta wahi
वो था मेरे जिंदगी का सबसे महत्त्वपूर्ण कीरदार आया, सबसे ज्यादा हक़ भी जताया और आँखों से ओझल हो गया कही किस पार मैं खुदको ढूँढती रही उसमे पर अफ़सोस हुआ जानकर की अब रहीं ना मैं कोई हक़दार मेरी कहानी का हिस्सा भी वही हर पन्ने पे जो छप गया वो क़िस्सा भी वही चाहकर भी अलग कर ना सकु ऐसा रिश्ता भी वही _निधि १४/०७/२०२३ रात १०:०२