पापा, आपकी बहुत याद आती है
पापा मेरे ज़िन्दगी का सबसे अहम हिस्सा आपके बिना अधूरा है हर पहलू, हर किस्सा सबसे लाडली बनके आपके घर ये नन्ही परी आई आपकी प्रेम की छाया में मेंने आपसी छवि पाई मेरे दुख आधे कर खुशियां दोगुनी की मुझे बड़ा करने में कोई कसर नहीं रखी मेरे सबसे अच्छे दोस्त बने किया है मेरे हर सपने को पूरा वादा करती हूं रखूंगी नहीं आपकी कोई इच्छा को अधूरा कभी जताया नहीं आपने पर आपके गहरे स्नेह का है मुझे अहसास दूर जाकर भी मुझसे, आप अब भी हो मेरे पास जाते जाते भी बहुत कुछ है आपने सिखाया आज भी मैंने हर क़दम पर आपको अपने साथ ही है पाया में कभी कह नहीं पायी...आपसे कहने ही थी आयी की ज़िंदगी के इस मोड़ पर आपको आपने साथ खड़ा चाहती हूं में आप की परी हूं आप के दिए पंखों से ऊंची उड़ान भरना चाहती हूं आपसे अपने दिल की बातें सांझा करती थी और करना चाहती हूं अब में बड़ी हो गई हूं ..आपके भार को बांटना चाहती हूं आपसे बहुत कुछ कहना चाहती हूं रह गई सारे बाते अनकही अब किससे कहूं किसे बताऊं की में क्या चाहती हूं किससे कहूं मन की बात याद है मुझे कैसे हम दोनों मिलकर मां को तंग किया...