बारिश की बूंदे
बारिश की बूंदे दुनिया के लिए महज बूंदे है जो कुछ पल बरस कर चली जाती है पर ये हरबार आती है और कुछ सीखा जाती है वो कहता था उसे बारिश पसंद है उसने भीगना अच्छा लगता है वो दिन है और आज है की हर बारिश मुझे उसकी याद दिलाती है उसके पास ना होने का एहसास करा जाती है उसकी पसंद को अपनी खुशी बना लिया था पर किसे पता था खुशियां भी गम दे जाती है वो बारिश की तरह आया में मिट्टी की तरह उसने समा गई और हमारा रिश्ता बिल्कुल बारिश के बादवली गीली मिट्टी की खुशबू की तरह मेहक उठा ये खुशबू कुछ देर की ही मेहमान थी बारिश का बरसना बन्द हुआ और उसका मेरे लिए तरसना बारिश के ना होने से ज़मीन बेज़ार हो जाती है वैसे ही मैं बेजान हो गई वो हर बरसात आया मुझे भिगोने और मै उसके साथ भीग गई पर ये सच को झुठला नहीं पाई की बारिश की बूंदे मौसमी है और उसका प्यार भी मौसम बदलते रहेगा वो और उसका मौसमी प्यार भी अब मुझे भी बदलाव को स्वीकारना होगा क्यू की बदलाव ज़रूरी है नए मौसम के आगाज़ के लिए नई बारिश के लिए नई बूंदों के लिए... _Nidhi_$